Skip to main content

Q-इंट्राडे ट्रेडिंग क्या है?

इंट्राडे ट्रेडिंग को आप डे ट्रेडिंग भी कह सकते हैं एक ऐसी ट्रेडिंग जिसे आप दिन में ही खरीद और बेच सकते हैं। इसका उद्देश्य होता है कि छोटे-छोटे लाभ को पकड़ना और दिन में ही पोजीशन को कट करना रात भर का रिक्स नहीं होता है
यह कैसे काम करते हैं?
ट्रेडिंग का समय भारत में 9:15 बजे से 3:30 तक होता है इस दौरान आप किसी भी कंपनी का शेयर खरीद बेच सकते हैं इसी को हम इंट्राडे ट्रेडिंग करते हैं
** मार्जिन और लेवरेज**
मार्जिन का मतलब होता है ब्रोकर आपको उधारी पर ट्रेड करने के लिए देता है जिसमें मान लीजिए आपके पास 10000 है तो ब्रोकर आपको 50000 तक का ट्रेड लेने के लिए देगा यही मार्जिन कहलाता है और इंट्राडे ट्रेडिंग में यही ट्रेंडर को फायदा होता है कि दिन में 10000 से 50000 का शेयर खरीदे बेचे तो अगर आप एक परसेंट भी कैप्चर किया मोमेंट तो आपको ₹500 का प्रॉफिट होता है ध्यान दें अगर लॉस होगा तो उसमें भी आपको इतना ही बड़ा लॉस देखने को मिलेगा तो इसमें रिस्क मैनेजमेंट करके आप काम कर सकते हैं।
* ऑर्डर प्रकार*
◆मार्केट ऑर्डर- इसमें क्या होता है मार्केट करंट प्राइस पे खरीदना उसी को मार्केट आर्डर करते हैं
◆लिमिट ऑर्डर- इसमें क्या होता है कि आप एक प्राइस डिसाइड किए हुए हैं कि यहां मार्केट आएगा तभी बाय करेंगे तो इसमे हम लिमिट ऑर्डर लगते हैं।
◆कवर आर्डर- इसमें क्या होता है कि हम एक बाइंग प्राइस और स्टॉपलॉस लगा देते हैं पहले ही मार्केट में अगर मार्केट आपके प्राइस पर आया तो बाय हो जाएगा और इसमें प्रॉफिट खुला रहता है स्टॉपलॉस लगा हुआ रहता है अगर अब मार्केट नीचे जाने लगा तो आपका स्टॉपलॉस लग जाएगा और आपको नुकसान होने से बचाएगा प्रॉफिट इसमें मैक्सिमम से मैक्सिमम होने की संभावना होती है इसलिए कवर ऑर्डर करते हैं।
◆ब्रैकेट आर्डर- इसमें हम एंट्री एग्जिट और स्टॉप लॉस तीनों पहले ही डिसाइड कर देते हैं इसे ही हम ब्रैकेट ऑर्डर करते हैं
* इंट्राडे ट्रेडिंग के लाभ
त्वरित लाभ यानी एक ही दिन में छोटे-छोटे परिवतन को पकड़ना और लाभ कमाना 
● रात भर के जोखिम से बचाना यानी कि अनअपेक्षित घटना कोई हो गया तो सुबह मार्केट गैप अप डाउन हो जाता है जिससे बड़ा नुकसान होता है इससे बचाव होता है।
*इंट्राडे ट्रेडिंग के नुकसान
इसमें जोखिम ज्यादा होता है क्योंकि मार्केट वोलेटाइल होता है इसलिए नुकसान की संभावना अधिक होती है
● इसमें आपके पास पूरे दिन समय होना चाहिए क्योंकि आपको पूरी तरह से निगरानी रखनी होती है और तुरंत एक्शन लेना पड़ता है
● भावनात्मक दबाव तुरंत निर्णय लेने के कारण मानसिक दबाव बनता है
* इंट्राडे ट्रेडिंग के प्रकार
१.स्कालपिंग- इसमें बहुत छोटी अवधि के लिए पोजीशन लेकर तुरंत बाहर आना स्काल्पिंग कहलाता है
२.मोमेंटम ट्रेडिंग- ऐसे स्टॉक में ट्रेड करना जो एक मजबूत डायरेक्शन में जा रहा हो और उसी दिशा में ट्रेड करना ही मोमेंटम ट्रेडिंग कहते हैं
३.ब्रेकआउट ट्रेडिंग- किसी लेवल को ब्रेक करने पर जब हम ट्रेड लेते हैं तो उसे ही ब्रेकआउट ट्रेडिंग कहते हैं।
४.रिवर्सल ट्रेडिंग- जब कोई ट्रेंड चल रहा होता है और वहां से मार्केट रिवर्सल साइन दिखाकर रिवर्स कर जाता है तो वहां पर जब हम ट्रेड लेते हैं तो उसी को रिवर्सल ट्रेडिंग कहते है।
५.न्यूज़ बेस्ड ट्रेडिंग- किसी समाचार या घटना पर जब ट्रेड लेते हैं तो उसी को न्यूज़ बेस्ट ट्रेडिंग कहते हैं।
६. एल्गोरिथमिक ट्रेडिंग- किसी AI से या स्वचालित सिस्टम के माध्यम से ट्रेड करते हैं तो उसे अल्गो ट्रेड कहते हैं।
* इंट्राडे ट्रेडिंग के लिए सुझाव
1. ट्रेडिंग के लिए क्लेरिटी होना बहुत आवश्यक है एंट्री एग्जिट पहले ही निर्धारित करें स्टॉपलॉस तब जाकर एंट्री बनाएं
2. डर और लालच से बचे अपने भावनाओं को नियंत्रण में रखें योजना के अनुसार ही ट्रेड करें।
3. स्टॉक वह सेलेक्ट करें जिसमें वॉल्यूम ज्यादा हो ताकि आसानी से खरीद बिक्री की जा सके।
4. नियमित अभ्यास करें और छोटे निवेश से शुरुआत करें अपने अनुभव को बढ़ाएं तब जाकर निवेश बढ़ाएं।

                                उम्मीद करता हूं दोस्तों आपको यह लेख पसंद आया होगा अगर पसंद आया है तो आप कमेंट बॉक्स में कमेंट करके हमें बताएं और अगला लेख किस पर चाहते हैं वह भी बताएं जिससे मैं आपको अच्छे से बता सकूं अगर आप ट्रेंडिंग शुरुआत करना चाहते हैं तो अच्छे ब्रोकर का सिलेक्शन करें जिसे मैं लिंक दे रहा हूं नीचे में आप इसमें अकाउंट खुलवा सकते हैं बहुत ही आसानी से खरीद बिक्री इसमें होता है और ट्रस्टेड ब्रोकर है
Open a free demat account with Zerodha and start investing in stocks, derivatives, mutual funds, ETFs, bonds, IPOs, and more. https://zerodha.com/open-account?c=OW7136

Comments

Popular posts from this blog

मेरा 30-दिन का ट्रेडिंग चैलेंज: ₹3,000 की कैपिटल और प्राइस एक्शन स्ट्रेटेजी

आज से मैं एक नई यात्रा शुरू कर रहा हूँ— 30 Days Trading Challenge । एक इंजीनियर होने के नाते मैं अनुशासन और डेटा में विश्वास रखता हूँ, और यही अनुशासन अब मैं अपनी ट्रेडिंग में लागू करने जा रहा हूँ। इस ब्लॉग के माध्यम से मैं अपनी डेली प्रोग्रेस, अपनी गलतियों और अपनी सीख को आपके साथ साझा करूँगा। चैलेंज की मुख्य रूपरेखा (Trading Plan) मैंने इस चैलेंज के लिए कुछ सख्त नियम बनाए हैं, जिनका पालन करना ही इस यात्रा की सफलता की कुंजी है: कैपिटल (Capital): ₹3,000 रिस्क-रिवॉर्ड रेशियो (RR Ratio): 1:2 (यानी ₹100 के रिस्क पर ₹200 का प्रॉफिट)। ट्रेडिंग स्टाइल: पूरी तरह से Price Action और Chart Patterns पर आधारित। डेली लिमिट: दिन में अधिकतम 1 या 2 ट्रेड, ताकि ओवर-ट्रेडिंग से बचा जा सके। मैं प्राइस एक्शन ही क्यों चुन रहा हूँ? मार्केट में बहुत सारे इंडिकेटर्स हैं, लेकिन मेरा मानना है कि भाव (Price) ही सब कुछ बताता है। मैं इस चैलेंज के दौरान सपोर्ट-रेसिस्टेंस, ट्रेंडलाइन और कैंडलस्टिक पैटर्न्स पर ध्यान केंद्रित करूँगा। छोटे कैपिटल के साथ रिस्क मैनेजमेंट को सीखना ही मेरा प्राथमिक लक्ष्य है। इस ब्लॉग ...

Asian Paints Trade Analysis: Open = Low Strategy से Day 1 Trading Challenge में क्या गलती हुई?

Introduction Trading में profitable होना सिर्फ strategy पर depend नहीं करता, बल्कि psychology, patience और execution भी उतने ही important होते हैं। आज मैं अपने Trading Challenge Day 1 का एक real trade share कर रहा हूँ जिसमें मैंने Open = Low Strategy का इस्तेमाल किया और Asian Paints में breakout trade लिया। Trade setup बिल्कुल clear था, Risk Reward भी अच्छा था, लेकिन फिर भी Stop Loss hit हो गया। इस article में मैं पूरी strategy, entry logic, psychology और mistake analysis share करूँगा ताकि नए traders भी सीख सकें। Open = Low Strategy क्या होती है? जब market open होने के बाद किसी stock की पहली candle का low टूटता नहीं है, यानी stock अपने opening price के नीचे नहीं जाता, तो उसे “Open = Low” behavior कहा जाता है। यह generally buyers की strength दिखाता है। ऐसे stocks में upside momentum आने के chances ज्यादा होते हैं। इस strategy में traders mainly: Strong opening देखते हैं Volume observe करते हैं Trendline breakout या consolidation breakout का इंतजार करते हैं Proper Stop Loss और Target se...

Tata Steel Trading Challenge Day 2: Trendline Breakout Strategy से कैसे मिला शानदार ट्रेड – 6 मई 2026

Introduction Stock market में सफल ट्रेडिंग केवल indicator देखकर नहीं होती, बल्कि सही price action और discipline के साथ entry लेने से होती है। 6 मई 2026 को Tata Steel के stock में एक शानदार trendline breakout setup बना, जिसने traders को अच्छा मौका दिया। इस ब्लॉग में हम विस्तार से समझेंगे: Trendline breakout setup क्या था Entry, Stop Loss और Target कैसे तय किया गया Trade में पहले SL hit क्यों हुआ बाद में stock में बड़ा upside move क्यों आया इस trade से क्या सीख मिलती है यह article खासकर उन beginners के लिए उपयोगी है जो price action trading सीखना चाहते हैं। Tata Steel Trade Setup – 6 May 2026 6 मई 2026 को market open होने के बाद Tata Steel के chart पर एक clear downtrend trendline दिखाई दे रही थी। Price लगातार lower highs बना रहा था। कुछ समय बाद stock ने उस trendline को strong bullish candle के साथ break किया। Trendline breakout के बाद price वापस नीचे आया और trendline का retest किया। यही वह जगह थी जहां trade plan बनाया गया। Trade Details Trade Type Buy Trade Entry Price ₹213.64 Stop Loss ₹...